अगर आपकी कमाई हर महीने एक जैसी नहीं रहती, तो सबसे ज्यादा कमाई वाले महीने को देखकर खर्च तय करना मुश्किल पैदा कर सकता है। पहले यह देखें कि हर महीने कौन-से भुगतान करने ही होंगे और उनकी तारीख क्या है। फिर कमाई आते ही उन रकमों को बाकी खर्च से अलग समझें।
पहले जरूरी भुगतान लिखें
किराया, राशन, बिजली, बच्चों की फीस, आने-जाने का खर्च और चल रही EMI जैसे भुगतान एक जगह लिखें। इनके सामने रकम और भुगतान की तारीख भी डालें। बिजली या राशन का खर्च बदलता है, इसलिए पुराने बिल देखकर उनकी लगभग रकम लिखें। अगर कोई बिल हर महीने नहीं आता, तो जिस महीने देना है, उसे उसी महीने के हिसाब में जोड़ें।
सभी जरूरी खर्च जोड़ने पर यह पता चलेगा कि महीने में कम से कम कितने पैसे चाहिए। यदि जरूरी भुगतान ही आपकी कम कमाई वाले महीने से अधिक हैं, तो यह अंतर साफ लिखें। केवल बाकी खर्च घटाने से हर बार यह कमी पूरी नहीं होगी।
किस कमाई को आधार बनाएँ?
पिछले कुछ महीनों में हाथ में आई रकम देखें। काम के पक्के भुगतान और अभी अनिश्चित रकम को अलग रखें। आने की उम्मीद वाले पैसे को खर्च करने के लिए उपलब्ध न मानें। जिस महीने कम पैसा आया था, उसे सामने रखकर देखें कि जरूरी भुगतान पूरे हो पाते हैं या नहीं।
मान लें, तीन महीनों में ₹22,000, ₹30,000 और ₹25,000 मिले। जरूरी भुगतान करीब ₹18,000 हैं। ₹22,000 वाले महीने में बाकी ₹4,000 से पूरे महीने के दूसरे खर्च चलाने होंगे। ₹30,000 वाले महीने में जो अतिरिक्त रकम दिखती है, वह अपने आप बचत नहीं है: आगे के बिल या कम कमाई वाले महीने के लिए भी पैसे चाहिए हो सकते हैं। ये रकम केवल हिसाब समझाने के लिए हैं।
कमाई आने पर क्या करें?
पहले निकट तारीख वाले जरूरी भुगतान देखें। उनके लिए रकम अलग रखने के बाद ही बाकी खरीदारी तय करें। कमाई कई बार में आती है, तो हर बार भुगतान मिलते ही अगले बिल की तारीख देखें; महीने के अंत में सारा हिसाब एक साथ करने का इंतजार न करें।
अगर इस बार कमाई कम हुई है, तो जो खरीदारी टल सकती है, उसे रोककर फिर हिसाब जोड़ें। किसी जरूरी बिल या EMI की रकम पूरी नहीं पड़ रही हो, तो कमी को छिपाकर आगे का खर्च तय न करें। भुगतान की तारीख से पहले संबंधित संस्था से उपलब्ध विकल्प पूछना उपयोगी हो सकता है; शर्तें अपने दस्तावेज में जाँचें।
अगले महीने के लिए क्या देखें?
महीने के अंत में लिखें: कुल कितनी कमाई आई, जरूरी भुगतानों में कितना गया और अगले महीने की शुरुआत में कितनी रकम उपलब्ध है। इस हिसाब से अगला महीना तय करें। कमाई, खर्च और बची रकम को साथ देखने की शुरुआत के लिए पैसे मैनेज करने की आसान गाइड पढ़ सकते हैं।
अस्वीकरण: यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत वित्तीय या कर्ज संबंधी सलाह नहीं। उदाहरण की रकम आपके घर के लिए तय बजट नहीं है; अपनी कमाई, खर्च और भुगतान की शर्तों के अनुसार हिसाब बनाएँ।
