मुख्य सामग्री पर जाएँ
पैसों की समझ — आसान हिंदी में लेखक: प्रवीन कुमार

एक साथ कई कर्ज चल रहे हों, तो नियमित भुगतान के बाद उपलब्ध अतिरिक्त रकम किस खाते में लगाई जाए—इससे कर्ज खत्म होने का क्रम बदल सकता है। कर्ज भुगतान प्लानर दो सामान्य क्रमों का अनुमान साथ दिखाता है: कम बाकी रकम वाला कर्ज पहले और अधिक ब्याज दर वाला कर्ज पहले। इसका उद्देश्य किसी एक तरीके को सही बताना नहीं, बल्कि दर्ज आँकड़ों पर दोनों का अंतर दिखाना है।

टूल खोलने से पहले हर कर्ज की नवीनतम बाकी रकम, सालाना ब्याज दर और न्यूनतम मासिक भुगतान एक जगह रखें। जानकारी बिखरी हो तो पहले सभी कर्ज और EMI की सूची तैयार की जा सकती है।

Paisawale Financial Tool

कर्ज भुगतान प्लानर

कई कर्जों के लिए छोटा कर्ज पहले और अधिक ब्याज पहले—दोनों भुगतान क्रमों का अनुमान देखें।

प्लानर में क्या भरना है?

  • कर्ज का नाम: ऐसा छोटा नाम जिससे खाता पहचाना जा सके।
  • बाकी रकम: नवीनतम विवरण में दिखाई गई मौजूदा देनदारी।
  • सालाना ब्याज दर: संबंधित खाते की वर्तमान दर।
  • न्यूनतम मासिक भुगतान: वह नियमित रकम जो अभी हर महीने दी जा रही है।
  • अतिरिक्त मासिक रकम: सभी जरूरी घरेलू भुगतान देखने के बाद कर्ज के लिए उपलब्ध अतिरिक्त राशि।
  • आपात स्थिति की बचत: अचानक जरूरी खर्च के लिए अलग उपलब्ध रकम।

क्रेडिट कार्ड, बीएनपीएल, लोन या निजी उधार को अलग पंक्ति में रखें। ब्याज दर या बाकी रकम उपलब्ध न हो तो अनुमान लगाने के बजाय नवीनतम विवरण से जाँचें।

दो भुगतान क्रम कैसे काम करते हैं?

छोटा कर्ज पहले

इस क्रम में अतिरिक्त रकम सबसे कम बाकी रकम वाले कर्ज पर जाती है। वह कर्ज समाप्त होने पर उसकी मासिक भुगतान राशि अगले कर्ज के लिए उपलब्ध मानकर गणना आगे बढ़ती है।

अधिक ब्याज पहले

इस क्रम में अतिरिक्त रकम सबसे अधिक सालाना ब्याज दर वाले कर्ज पर जाती है। उस कर्ज के खत्म होने के बाद अगली अधिक दर वाली देनदारी क्रम में आती है।

दोनों क्रमों में सभी दर्ज कर्जों का नियमित न्यूनतम भुगतान शामिल रहता है। प्लानर किसी भुगतान को रोकने या केवल एक खाते में रकम देने का सुझाव नहीं देता।

नतीजों में क्या दिखाई देगा?

गणना के बाद कुल बाकी कर्ज, मौजूदा न्यूनतम मासिक भुगतान, शुरुआती महीने का अनुमानित ब्याज और दोनों क्रमों के अलग नतीजे दिखाई देंगे। प्रत्येक क्रम में अनुमानित समय, अनुमानित कुल ब्याज और सबसे पहले समाप्त होने वाला कर्ज शामिल है।

दोनों नतीजों का अंतर छोटा हो सकता है या दर्ज रकम के अनुसार अधिक भी हो सकता है। तुलना करते समय केवल अनुमानित ब्याज नहीं, बल्कि हर महीने अतिरिक्त रकम बनाए रखने की वास्तविक क्षमता भी देखें।

अतिरिक्त रकम भरने से पहले बजट देखें

जो रकम किसी अच्छे महीने में बची थी, जरूरी नहीं कि वह हर महीने उपलब्ध रहे। पहले EMI के बाद घर खर्च के लिए बची रकम का हिसाब देखें। किराया, राशन, दवा, यात्रा और पहले से ज्ञात अनियमित खर्च घटाने के बाद जो रकम नियमित रूप से उपलब्ध हो, उसे ही अतिरिक्त मासिक भुगतान में दर्ज करें।

पूरे महीने की आमदनी और खर्च साथ देखने के लिए मासिक बजट प्लानर उपयोगी हो सकता है। आपात स्थिति की बचत और कर्ज में से किसे पहले जगह देनी है, इस स्थिति को इमरजेंसी फंड या कर्ज—पहले क्या करें वाली गाइड में अलग समझाया गया है।

हर महीने अनुमान दोबारा कब देखें?

किसी कर्ज की बाकी रकम, ब्याज दर, न्यूनतम भुगतान या उपलब्ध अतिरिक्त रकम बदलने पर नया अनुमान निकालें। पुराने नतीजे को वास्तविक प्रगति न मानें। तीन महीने में कुल देनदारी की दिशा देखने के लिए कर्ज बढ़ रहा है या घट रहा है वाला रिकॉर्ड रखा जा सकता है।

गणना की सीमा

प्लानर मासिक आधार पर स्थिर ब्याज दर, दर्ज न्यूनतम भुगतान और चुनी गई अतिरिक्त रकम से अनुमान बनाता है। वास्तविक खाते में ब्याज जोड़ने की तारीख, शुल्क, कर, बदलती दर, नए लेनदेन, भुगतान समायोजन या संस्था की गणना अलग हो सकती है।


अस्वीकरण: यह प्लानर सामान्य जानकारी और दो भुगतान क्रमों की तुलना के लिए है। नतीजे दर्ज रकम पर आधारित अनुमान हैं, भुगतान की गारंटी या व्यक्तिगत कर्ज सलाह नहीं। वास्तविक बकाया, ब्याज, शुल्क और भुगतान शर्तें संबंधित संस्था के नवीनतम विवरण से जाँचें।